काठा पीर की दरगाह को देश भर

काठा पीर की दरगाह को देश भर में जाना पहचाना जाता है।जिनका तीन दिवसीय उर्स शुरू

रुड़की, हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में स्थित हज़रत शाह मोहम्मद शाह रहमतुल्लाह अलैह उर्फ काठा पीर की दरगाह को देश भर में जाना पहचाना जाता है।जिनका तीन दिवसीय उर्स शुरू हो चुका है जिसमें हजारों की संख्या में जायरीन अपनी मन्नत मुरादें लेकर पहुंच रहे हैं। माना यह जाता है कि जो भी काठा पीर की दरगाह पर पहुंचता है वह कभी खाली हाथ नहीं लौटता। एस डी एम लक्सर और जी एन एस डी आर समाजसेवा कल्याणकारी चैरिटेबल ट्रस्ट के डायरेक्टर और मेला ठेकेदार वारिस अहमद द्वारा बुधवार को मेले का शुभारंभ किया गया। इस उर्स में बाहर से आए कव्वालों की शाम के वक्त महफिल लगती है जिसमें कुल शरीफ की रस्म अदा होती है।बड़ी संख्या में पहुंच रहे जायरीन काठा पीर की दरगाह पर चादर और फूल पेश कर रहे हैं।इस दौरान प्रमुख समाजसेवी वारिस अहमद ने बताया कि काठा पीर की दरगाह से पूरे देश और दुनिया में अमन सलामती और भाईचारे का पैगाम दिया जाता है इस दरगाह पर मुस्लिम के साथ साथ बड़ी संख्या में हिंदू धर्म के साथ साथ अन्य धर्मों के लोग भी पहुंचते हैं यहां से एकता और भाईचारे का पैगाम दिया जाता है।उन्होंने कहा कि देश में ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश को नई ताकत मिली है देश और प्रदेश की खुशहाली और तरक्की के लिए भी दुआएं की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि दरगाह के सालाना उर्स में मेले का भी आयोजन किया जाता है जिसमें हर तरह के झूले लगाए जाते हैं और स्टॉल भी बड़ी संख्या में लगे हैं।उर्स में लगातार भंडारे लंगर और शरबत का इंतजाम किया गया है।भीषण गर्मी में किसी को कोई परेशानी ना हो इसके लिए दरगाह के आसपास टैट लगवाए गए हैं साफ सफाई का विशेष इंतजाम किया गया है।पुलिस प्रशासन ने इस बार और भी बेहतर इंतजाम किए है।वारिस अहमद ने बताया कि दरगाह की तमाम रस्में बेहतर तरीके से आयोजित की जाएंगी।उन्होंने कुछ लोगों पर आरोप लगाया कि कुछ लोग अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए उल्टे सीधे बयान देकर दरगाह का माहौल खराब करना चाहते हैं जबकि जनता सब जानती है इस बार का उर्स भव्य रूप से मनाया जा रहा है जिसमें बड़ी संख्या में जायरीन पहुंच रहे हैं।खास बात यह है कि जायरीनों को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो इसका खास ध्यान रखा गया है।

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