फाइल फोटो

Oplus_131072

तबादला हुआ, बिस्तर बंधा… फिर रुड़की ने बुला लिया वापस!

रुड़की। हरिद्वार पुलिस महकमे में इन दिनों कुछ सिपाहियों की तैनाती चर्चा का विषय बनी हुई है। वजह यह है कि जिन सिपाहियों का कुछ समय पहले रुड़की से तबादला कर देहात क्षेत्रों में भेजा गया था, उनमें से कुछ एक बार फिर रुड़की में तैनाती पाने में सफल हो गए हैं। इस घटनाक्रम ने विभागीय गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
महकमे में चर्चा है कि तबादला आदेश जारी होने के बाद संबंधित सिपाहियों ने नई तैनाती वाले क्षेत्रों में कार्यभार भी संभाला, लेकिन ज्यादा समय नहीं बीता कि उनकी वापसी रुड़की क्षेत्र में हो गई। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ऐसा कौन-सा गणित बैठा कि देहात पहुंचे सिपाही दोबारा शहर की चौखट तक लौट आए।
चाय की टेबलों और बैरकों में इस मामले को लेकर तरह-तरह की बातें सुनने को मिल रही हैं। कोई इसे प्रशासनिक आवश्यकता बता रहा है तो कोई इसे “पोस्टिंग मैनेजमेंट” का कमाल कह रहा है। कुछ कर्मचारी मजाकिया अंदाज में कह रहे हैं कि रुड़की छोड़ने का मन ही नहीं था, इसलिए किस्मत भी वापस यहीं ले आई।
सूत्र बताते हैं कि रुड़की क्षेत्र हमेशा से पुलिसकर्मियों की पसंदीदा तैनातियों में गिना जाता रहा है। ऐसे में जब किसी का तबादला यहां से होता है तो उसे लेकर चर्चाएं होती हैं, लेकिन जब वही कर्मचारी कुछ समय बाद फिर इसी क्षेत्र में दिखाई देने लगें तो सवाल उठना स्वाभाविक है।
हालांकि विभागीय अधिकारी इस पूरे मामले को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बता रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस व्यवस्था की जरूरतों के अनुसार तैनातियां की जाती हैं और इसमें किसी तरह की विशेष व्यवस्था नहीं होती। लेकिन महकमे के भीतर चल रही चर्चाएं कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।
फिलहाल पुलिस विभाग में एक ही जुमला सबसे ज्यादा सुनाई दे रहा है—”तबादला तो हुआ था, लेकिन रुड़की का मोह नहीं छूटा।” अब यह चर्चा कितने दिन तक चलती है, यह आने वाले तबादला सीजन में साफ हो जाएगा।

Exit mobile version