
शाबाश कलियर पुलिस! 4 दिन में ढूंढ निकाला 7 माह का मासूम
भीख मंगवाने के लिए किया गया था अपहरण, सीसीटीवी, मुखबिर तंत्र और सोशल मीडिया की मदद से पुलिस ने नाकाम की अपहरणकर्ताओं की साजिश
एसपी देहात के निर्देशन में पुलिस और सीआईयू की टीम ने बच्चों के परिजनों के चेहरे पर लौटाई मुस्कान
रुड़की, संवाददाता। पिरान कलियर से अपहृत सात माह के मासूम अली रजा को महज चार दिनों के भीतर सकुशल बरामद कर कलियर पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और लगातार की गई मेहनत के चलते मासूम को उसके परिवार से मिलाया जा सका। मामले में एक दिव्यांग महिला और उसके साथी को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने भीख में अधिक पैसे कमाने के लालच में मासूम का अपहरण किया था।
घटना सात जून की है, जब बिहार निवासी कलसूम खातून अपने परिवार के साथ पिरान कलियर दरगाह में आई थीं। नमाज के दौरान उनका सात माह का नाती अली रजा अचानक लापता हो गया। बच्चे के गायब होने से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही थाना कलियर पुलिस हरकत में आई और अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि पुलिस टीमों ने दरगाह परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध युवक बच्चे को गोद में लेकर जाता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने गहन जांच करते हुए एक दिव्यांग महिला और एक युवक को चिन्हित किया। सोशल मीडिया पर बच्चे की जानकारी प्रसारित की गई और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया।
लगातार चार दिनों तक चली तलाश के बाद पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध लक्सर रेलवे स्टेशन के आसपास देखे गए हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को बच्चे के साथ भीख मांगते हुए दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि छोटे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगने पर अधिक पैसे मिलते हैं। इसी लालच में उन्होंने करीब एक सप्ताह तक बच्चे और उसके परिवार की रेकी की थी और मौका मिलते ही मासूम का अपहरण कर लिया।
पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से आरोपियों की साजिश पूरी तरह विफल हो गई। चार दिन से अपने बच्चे की सलामती के लिए परेशान परिवार ने पुलिस का आभार जताया। क्षेत्र के लोगों ने भी कलियर पुलिस की इस सफलता की जमकर सराहना की है। मासूम को सकुशल बरामद कर परिवार को सौंपना पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।