

रुड़की । बलिदान ,धैर्य ,त्याग और सौहार्द के प्रतीक मोहर्रम के अवसर पर नगर के कई स्थानों से ताजियों व अखाड़ों के जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए मेंन बाजार से नहर पुल तक पहुँचे और देर शाम अपने गंतव्य तक पहुँचे।जगह जगह पर सबील लगा कर सभी समुदायों के लोगों ने शर्बत व ठंडे पानी की बोतलें बांटी ।इमली रोड महिगिरान इमाम बाड़े से शिया समुदाय के सैकड़ों लोगों ने मातम , नोहा ख्वानी व मरसियों के साथ ताज़िया निकाला तथा कर्बला पहुँच कर पैगम्बर मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन को श्रद्धाजंलि अर्पित की।। इमली रोड पर अंजुमन अखाड़ा की ओर से आयोजित इमाम हुसैन बलिदान के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सी ओ कलियर भगवानपुर सुमित पांडेय ने कहा कि हज़रत इमाम हुसैन ने इंसाफ,इंसानियत ,ईमानदारी और अधिनायकवाद के ख़िलाफ़ अपनी क़ुरबानी दी।उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रभु श्री राम,श्री कृष्ण और भगवान बुद्ध ने सत्य और असत्य का भेद अपने त्याग और शिक्षाओं के द्वारा संसार को बताया उसी प्रकार इमाम हुसैन ने भी सत्य के लिए अपना बलिदान दिया जो रहती दुनिया तक लोग याद करेंगे।। उन्होंने कहा कि सभी धर्म शांति, सहिष्णुता और प्रेम का संदेश देते हैं उसी प्रकार मोहर्रम भी हमको मानवीय संवेदना और भाईचारे का संदेश देता है।
*कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी रुड़की ईश्वर लाल शास्त्री ने की ।*
सँयुक्त अखाड़ा परिषद के सरंक्षक व अंतरराष्ट्रीय शायर अफ़ज़ल मंगलोरी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि हर साल मोहर्रम के अवसर पर सभी धर्मो के लोग उसी प्रकार मिलजुल कर सौहार्द और भाईचारे का परिचय देते हैं जिस प्रकार कावड़ यात्रा, होली, दीवाली और दशहरे के अवसर पर। उन्होंने कहा कि भारत की धरती सदैव से वसुधैव कुटुम्बकम व सर्वधर्म समभाव का संदेश पूरे विश्व को दिया जाता रहा जो हमारी सभ्यता व मिलीजुली संस्कृति का प्रतीक है । शिया समुदाय की ओर से मौलाना हसन हैदर ,हसनैन जाफरी,नसीम हैदर, शानू अली, अब्बास हैदर, मो रज़ा आदि ने इमाम हुसैन की शहादत पर विचार रखे।। इस मौके पर साबरी अखाड़ा, अकबरी अखाड़ा, शाने अकबरी अखाड़ा, इंडियन अंजुमन अखाड़ा, अम्बर तालाब ताज़िया कमेटी, आदि की ओर से अखाड़े निकाले गए। इंडियन अंजुमन अखाड़ा की ओर से प्रणय प्रताप सिंह ,सलमान फ़रीदी, अकरम अली, मोहसिन अल्वी , राजू शास्त्री ,चो अब्दुल मलिक ,साबिर ख़लीफ़ा, इरशाद, इमरान नईम, रिज़वान,सलीम अहमद ,नफिसुल हसन द्वारा पुलिस अधिकारियों ,खलीफाओं, उस्तादों और अतिथियों के पगड़ी बांध कर सम्मान किया गया।