
सड़क बनी होटल की पार्किंग, नगर निगम और पुलिस बेखबर! पहाड़ी बाजार में हर शाम लगता है जाम का दरबार
रुड़की। दिल्ली के हालिया अग्निकांड के बाद जहां देशभर में सुरक्षा व्यवस्थाओं और आपातकालीन मार्गों को लेकर चिंता बढ़ी है, वहीं रुड़की का पहाड़ी बाजार क्षेत्र मानो किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल पहाड़ी बाजार चौराहे पर कुछ होटलों के बाहर सड़कें ही पार्किंग स्थल में तब्दील हो चुकी हैं और स्थानीय पुलिस इस अव्यवस्था पर मूकदर्शक बनी हुई है। शाम ढलते ही होटल संचालकों के इशारे पर ग्राहकों के वाहन मुख्य सड़क पर खड़े कर दिए जाते हैं। नतीजा यह होता है कि दो वाहनों के निकलने लायक सड़क एक संकरी गली में बदल जाती है। हालात ऐसे हो जाते हैं कि कई बार वाहन चालक घंटों जाम में फंसे रहते हैं और राहगीरों को भी निकलने में मशक्कत करनी पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस इलाके में आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति जैसी घटना हो जाए तो दमकल और एंबुलेंस का मौके तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाएगा। घनी आबादी, कपड़ा बाजार और तंग रास्तों के बीच अवैध पार्किंग किसी बड़े खतरे की घंटी साबित हो सकती है।
आरोप है कि कई होटल संचालकों ने अपनी निर्धारित पार्किंग का उपयोग अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में कर रखा है, जबकि वाहनों को सड़क पर खड़ा कराया जा रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि कभी-कभार चालान काटकर कार्रवाई का दिखावा किया जाता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। मामले में एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा है कि अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान चलाकर होटल संचालकों पर चालान की कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों से भी समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अब देखना यह होगा कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रहती है या फिर पहाड़ी बाजार की सड़कों को वास्तव में अवैध पार्किंग से मुक्ति मिलती है।