📅 गुरुवार, 9 जुलाई 2026 हमारे बारे में संपर्क करें
IBN7 INDIA
🔴 ब्रेकिंग
रेस्टोरेंट में दिनदहाड़े चोरी, 25-30 हजार की नकदी ले उड़ा आरोपी; CCTV में कैद हुई पूरी वारदात पंजाब जाएगी पुलिस टीम नशे के पूरे नेटवर्क पर शिकंजा सोलानी पुल का इंतजार खत्म! नवंबर से पहले दौड़ेंगे वाहन, मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया दावा “सीनियर लाइन में, जूनियर सिंहासन पर!” रुड़की । मोहर्रम के अवसर पर गंग नहर कोतवाली में पुलिस उपाधीक्षक सुश्री ओशिन जोशी की अध्यक्षता में नगर क्षेत्र के सभी मुस्लिम समुदाय के अखाड़ों के… देश प्यार और मोहब्बत से चलेगा, नफरत से नहींः मदनी रुड़की की वायर निर्माण इकाई पर राज्य कर विभाग का शिकंजा, फर्जी बिलों से जीएसटी चोरी का खुलासा सार्वजनिक सड़क पर कब्जे की कोशिश? कृष्ण कुंज विहार में गड़े लोहे के पिलरों पर बवाल!

पहले ट्रांसफर, फिर सस्पेंड, अब मनचाही तैनाती!

✍️ IBN7 INDIA डेस्क 🗓 7 जून 2026 (1 महीने पहले) 👁 1.8K बार पढ़ा गया
साझा करें: WhatsApp Facebook X
पहले ट्रांसफर, फिर सस्पेंड, अब मनचाही तैनाती!

गंगनहर कोतवाली का सिपाही फिर चर्चा में

रुड़की। पुलिस महकमे में इन दिनों गंगनहर कोतवाली में तैनात एक सिपाही को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। महकमे के अंदर यह मामला कौतूहल का विषय बना हुआ है। चर्चा है कि उक्त सिपाही की पकड़ और प्रभाव इतना मजबूत है कि उसके सामने अधिकारियों के आदेश भी ज्यादा समय तक प्रभावी नहीं रह पाते। यही वजह है कि पहले उसका स्थानांतरण हुआ, फिर निलंबन की कार्रवाई हुई और अब उसे दोबारा मनचाही तैनाती मिलने की चर्चा जोरों पर है।

सूत्रों के अनुसार संबंधित सिपाही का नाम पहले भी कई बार विभिन्न कारणों से चर्चाओं में रहा है। विभागीय स्तर पर उसके खिलाफ कार्रवाई होने के बावजूद वह हर बार किसी न किसी तरह से वापसी करने में सफल रहा। हाल ही में हुए घटनाक्रम ने एक बार फिर पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले सिपाही का स्थानांतरण दूसरे स्थान पर कर दिया गया था। इसके बाद उस पर विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबन की भी कार्रवाई हुई। सामान्य तौर पर ऐसी परिस्थितियों में किसी कर्मचारी को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, लेकिन इस मामले में घटनाक्रम काफी तेजी से बदला और अब उसके फिर से पसंदीदा स्थान पर तैनाती मिलने की चर्चा पुलिस महकमे के गलियारों में गूंज रही है।

पुलिसकर्मियों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर ऐसा कौन सा प्रभाव या संपर्क है, जिसके चलते संबंधित सिपाही लगातार विवादों और कार्रवाई के बावजूद अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए है। कई कर्मचारी इसे विभागीय व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे केवल अफवाह और अंदरूनी चर्चाओं का हिस्सा मान रहे हैं।

महकमे के जानकारों का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है तो उसके बाद होने वाली प्रत्येक प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए, ताकि किसी तरह की शंका या भ्रम की स्थिति पैदा न हो। वहीं दूसरी ओर, इस पूरे मामले को लेकर आधिकारिक स्तर पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।

गौरतलब है कि संबंधित सिपाही का नाम इससे पहले भी कई मामलों को लेकर चर्चा में रह चुका है। ऐसे में उसके इर्द-गिर्द चल रही नई चर्चाओं ने पुलिस विभाग के कर्मचारियों के बीच उत्सुकता और बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है और चर्चाओं में बने इस सिपाही को लेकर आगे क्या स्थिति सामने आती है।

हालांकि, अभी तक इन चर्चाओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस महकमे में यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।