प्लॉट बिके तो वादे भी गायब

प्लॉट बिके तो वादे भी गायब
पानी-सीवर, पक्की सड़क और पार्क के नाम पर दिखाए सपने, प्लॉट बिकने के बाद खरीदारों को सुविधाओं के लिए करना पड़ रहा संघर्ष
एचआरडीए की कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रहा अवैध प्लॉटिंग का खेल, एक-दो नक्शे पास कर पूरी कॉलोनी को स्वीकृत बताने के आरोप
रुड़की,भगवानपुर। क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा प्लॉटिंग कर लोगों को बेहतर सुविधाओं और सपनों का आशियाना देने के नाम पर प्लॉट बेचने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लॉट बेचते समय खरीदारों को पानी, सीवर लाइन, पक्की सड़क, बिजली की बेहतर व्यवस्था और बच्चों के लिए पार्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं। हालांकि, प्लॉट की बिक्री के बाद कई मामलों में ये वादे पूरे नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
आरोप है कि क्षेत्र के कई स्थानों पर बड़े भूखंडों पर कॉलोनी विकसित कर बाद में छोटे-छोटे प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं। बिक्री के दौरान खरीदारों को कॉलोनी में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होने का भरोसा दिलाया जाता है, लेकिन प्लॉट खरीदने के बाद लोगों को रास्ते, पानी और सीवर जैसी सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर बच्चों के लिए प्रस्तावित पार्क की सुविधा भी धरातल पर दिखाई नहीं देती।
एक-दो नक्शे पास, पूरी कॉलोनी को बताया जा रहा स्वीकृत
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा कॉलोनी के एक-दो प्लॉट का नक्शा स्वीकृत कराकर पूरी कॉलोनी को विभाग से स्वीकृत बताकर ग्राहकों को प्लॉट बेचने का प्रयास किया जाता है। इससे खरीदारों के बीच कॉलोनी के वैध होने को लेकर भरोसा पैदा हो जाता है। ऐसे में लोगों का कहना है कि प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी की वास्तविक स्वीकृति और नक्शे की जांच बेहद जरूरी है।
प्लॉट बिकने के बाद बदल जाता है डीलरों का रवैया
खरीदारों का आरोप है कि प्लॉट बेचने से पहले प्रॉपर्टी डीलरों की ओर से सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बिक्री के बाद समस्याओं की शिकायत लेकर पहुंचने पर उन्हें उचित समाधान नहीं मिल पाता। इससे कई खरीदार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
हालांकि, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की ओर से समय-समय पर अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जाती रही है, लेकिन इसके बावजूद क्षेत्र में प्लॉटिंग का कारोबार पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा है।
अब जरूरत है कि भगवानपुर क्षेत्र में विकसित की जा रही कॉलोनियों की स्वीकृति, स्वीकृत नक्शे और मौके पर उपलब्ध सुविधाओं की जांच की जाए। साथ ही खरीदारों को प्लॉट खरीदने से पहले कॉलोनी की वैधता और प्रस्तावित सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि भविष्य में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।




