भाजपा में 'पोस्ट वॉर' से सियासी तूफान!

भाजपा में 'पोस्ट वॉर' से सियासी तूफान! संभावित प्रत्याशी पर वायरल टिप्पणी ने मचाई खलबली
कलियर सीट पर चुनाव से पहले बढ़ी अंदरूनी रार, सोशल मीडिया पोस्ट से संगठन में मचा हड़कंप
युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष का एक्शन— 'कारण बताओ नोटिस होगा जारी, अनुशासनहीनता पर होगी कार्रवाई'
रुड़की। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच भाजपा की कलियर विधानसभा इकाई में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक पोस्ट ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। पार्टी के पूर्व प्रत्याशी एवं संभावित उम्मीदवार जय भगवान सैनी को लेकर की गई कथित टिप्पणी ने संगठन के भीतर नई बहस छेड़ दी है। वायरल पोस्ट को भाजपा युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसके बाद पार्टी के अंदर अनुशासन और गुटबाजी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही पोस्ट में दावा किया गया है कि "चाहे कितने षड्यंत्र कर लो, कलियर से मुनीश सैनी ही जीत सकते हैं। जय भगवान सैनी का घर-घर विरोध होगा और समाज के हजारों लोग खुलकर उनके खिलाफ हैं।" इस पोस्ट के सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि पार्टी के ही पदाधिकारी संभावित उम्मीदवारों के खिलाफ सोशल मीडिया पर खुलकर मोर्चा खोलेंगे, तो चुनाव के समय कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना संगठन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। भाजपा पहले से ही कलियर सीट को लेकर मजबूत रणनीति बनाने में जुटी है और ऐसे विवाद उसकी तैयारियों पर असर डाल सकते हैं।
यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि कुछ समय पहले ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने साफ निर्देश दिए थे कि संभावित प्रत्याशियों को लेकर सोशल मीडिया पर बयानबाजी और आपसी विवाद से बचा जाए। इसके बावजूद सामने आई इस घटना ने संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले ने तूल पकड़ने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष विभोर सेठी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि "संबंधित पदाधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। पूरे मामले से प्रदेश नेतृत्व को भी अवगत कराया जाएगा और विचार-विमर्श के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। भाजपा में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।"
अब सबकी निगाहें भाजपा संगठन पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि वायरल पोस्ट की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित व्यक्ति पर क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल इतना तय है कि कलियर की सियासत में चुनाव से पहले 'सोशल मीडिया पोस्ट वॉर' ने भाजपा के भीतर हलचल जरूर बढ़ा दी है।




