मौत का कारोबार बेनकाब! नामी कंपनियों के नाम पर बन रही थीं नकली दवाइयाँ, STF के छापे में करोड़ों का खेल उजागर

मौत का कारोबार बेनकाब! नामी कंपनियों के नाम पर बन रही थीं नकली दवाइयाँ, STF के छापे में करोड़ों का खेल उजागर
बाजपुर की फैक्ट्री से एक लाख से अधिक टैबलेट, 15 हजार सिरप, पैकिंग मशीनें और अवैध शराब का बड़ा जखीरा बरामद
आयुर्वेदिक लाइसेंस की आड़ में Sun Pharma, Intas, Macleods समेत कई ब्रांड के नाम से बन रही थीं नकली दवाइयाँ, बुलंदशहर का आरोपी गिरफ्तार
रुड़की। उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े नकली दवा सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए बाजपुर स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारकर करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का खुलासा किया है। एसटीएफ और औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में बिना वैध लाइसेंस के नामी दवा कंपनियों के नाम पर नकली एलोपैथिक दवाइयों का निर्माण और पैकेजिंग की जा रही थी। छापेमारी में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि भारी मात्रा में नकली दवाइयाँ, पैकिंग मशीनें, अवैध अंग्रेजी शराब और आबकारी सामग्री बरामद हुई है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ कुमाऊँ यूनिट और औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने ऊधमसिंहनगर के बाजपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित कोविल बायोटैक फैक्ट्री में दबिश दी। यहां से बुलंदशहर निवासी धीरेन्द्र पुत्र ब्रह्म सिंह को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी आयुर्वेदिक और फूड लाइसेंस की आड़ में STADMED, Macleods, Intas, Sun Pharma सहित कई प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से नकली एलोपैथिक दवाइयों का निर्माण कर उन्हें बाजार में सप्लाई कर रहा था। कार्रवाई के दौरान करीब एक लाख टैबलेट और 15 हजार से अधिक सिरप की बोतलें बरामद हुईं। इनमें एंटीबायोटिक, एंटासिड, दर्द और सूजन की दवाइयाँ, नसों के दर्द, प्रोस्टेट, कैल्शियम, विटामिन और आयरन सप्लीमेंट जैसी जीवन रक्षक दवाइयाँ शामिल हैं। इसके अलावा हजारों प्रिंटेड रैपर, फॉयल, लेबल, पैकेजिंग सामग्री और दवा निर्माण में प्रयुक्त फिलिंग, सीलिंग व लेबलिंग मशीनें भी जब्त की गईं। आरोपी की निशानदेही पर एनएच-74 स्थित गोदाम से मैकडॉवेल ब्रांड के 1,632 क्वार्टर, 1,016 अंग्रेजी शराब की बोतलें, शराब की खाली बोतलें, ढक्कन, रैपर और उत्तराखण्ड आबकारी विभाग के होलोग्राम भी बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने हरियाणा से अवैध शराब मंगाकर उत्तराखण्ड में सप्लाई करने की बात स्वीकार की है।
एसटीएफ ने आरोपी के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम-1940, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा उत्तराखण्ड आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। अधिकारियों का कहना है कि नकली दवाइयों और अवैध शराब के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और पूरे सिंडिकेट का जल्द खुलासा किया जाएगा।




