बिजली पर बवाल! कांग्रेस का DGM दफ्तर घेराव,

बिजली पर बवाल! कांग्रेस का DGM दफ्तर घेराव, अफसर से मंगवाई माफी, एक हफ्ते का अल्टीमेटम
अघोषित कटौती, स्मार्ट मीटर और अफसरशाही के खिलाफ गरजे कांग्रेसी, दो घंटे तक चला हंगामा
विभाग ने कटौती के आरोप नकारे, कहा- रखरखाव के लिए लिया जाता है शटडाउन, सुधार नहीं हुआ तो होगी तालाबंदी
रुड़की। शहर की बिगड़ती बिजली व्यवस्था और विद्युत अधिकारियों की कथित तानाशाही के खिलाफ महानगर कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को बोट क्लब स्थित डीजीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर घेराव किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी एडवोकेट के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और विद्युत विभाग के अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे माहौल गरमा गया।
जिलाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि रुड़की शहर और आसपास के क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता परेशान है। विभाग उद्योगों को निर्बाध बिजली दे रहा है, जबकि आम उपभोक्ता घंटों बिजली के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग जनता का आर्थिक और मानसिक शोषण कर रहा है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व महापौर गौरव गोयल ने अधिशासी अभियंता अनिल कुमार मिश्रा के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह जनता और जनप्रतिनिधियों के फोन तक नहीं उठाते। वार्ता के दौरान इसी मुद्दे पर विवाद बढ़ गया और कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस की मौजूदगी में अधीक्षण अभियंता और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता हुई। बढ़ते दबाव के बीच अधिशासी अभियंता ने अपने व्यवहार को लेकर खेद जताया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने, उपभोक्ताओं पर जबरन स्मार्ट मीटर नहीं थोपने, जर्जर बिजली तारों को तत्काल बदलने और बिजली बिलों में लगाए जा रहे अतिरिक्त सरचार्ज को हटाने की मांग रखी।
अधीक्षण अभियंता इंजीनियर विवेक राजपूत ने कांग्रेस नेताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि शहर में अघोषित बिजली कटौती नहीं की जा रही है। जहां आवश्यक होता है, वहां रखरखाव कार्य के लिए शटडाउन लिया जाता है। उन्होंने स्मार्ट मीटर को विभाग की सरलीकरण प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा कि लोगों को इसके फायदे समझाए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने बिजली चोरी की सूचना मिलने पर सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया। वार्ता के बाद कांग्रेस ने विद्युत विभाग को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो अगला आंदोलन और अधिक उग्र होगा तथा विद्युत विभाग के कार्यालय पर तालाबंदी की जाएगी।




