📅 गुरुवार, 13 अगस्त 2026 हमारे बारे में संपर्क करें
IBN7 INDIA
🔴 ब्रेकिंग
नजूल जमीन पर ‘निर्माण का खेल’! तिरंगे की शान में गूंजा रुड़की, भाजपा की तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब बरेली से झंडा लेकर 150 जायरीनों का जत्था पहुंचा कलियर, 10 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार 95 वर्षीय अम्मा जगवती देवी ने सिखाया पारंपरिक नृत्य कलियर शरीफ में होने वाले 758 वें सालाना उर्स को लेकर पुलिस की ब्रीफिंग इंस्टाग्राम विवाद के बीच युवक को मारी गोली, हायर सेंटर रेफर गुमशुदगी का खुला राज: चारों ने मिलकर की अंकित की हत्या,

नजूल जमीन पर ‘निर्माण का खेल’!

✍️ IBN7 INDIA डेस्क 🗓 13 अगस्त 2026 (3 घंटे पहले) 👁 5 बार पढ़ा गया
साझा करें: WhatsApp Facebook X
विज्ञापनविज्ञापन
नजूल जमीन पर ‘निर्माण का खेल’!

नजूल जमीन पर ‘निर्माण का खेल’! महापौर के परिजनों पर सवाल, विभाग क्यों बना खामोश?

लिंटर गिरने से पहले ही उठे थे सवाल, हादसे के बाद निर्माण की गुणवत्ता भी कठघरे में—बिना अनुमति निर्माण का आरोप

रुड़की। सिविल लाइंस क्षेत्र में नजूल भूमि पर निर्माण को लेकर शहर में चर्चाएं तेज हो गई हैं। आरोप है कि रुड़की महापौर के परिवार से जुड़े लोगों की ओर से नजूल भूमि पर निर्माण कराया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के लिए जरूरी अनुमति और संबंधित विभाग की स्वीकृति को लेकर स्थिति साफ नहीं है। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में विवाद उस समय और गहरा गया, जब निर्माणाधीन भवन का लिंटर अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। बताया जा रहा है कि घटना के दौरान मौके पर मौजूद एक मजदूर को हल्की चोट भी आई। गनीमत रही कि उस समय निर्माण कार्य बंद था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। लिंटर गिरने की घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की पोल खोलने जैसे सवाल भी खड़े कर दिए।
*नजूल भूमि पर निर्माण और विभाग की ‘खामोशी’!*
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में दिन-रात निर्माण कार्य कराया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण के लिए सक्षम अनुमति नहीं ली गई है तो अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर भूमि और निर्माण संबंधी दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए। सबसे ज्यादा सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि आम आदमी के निर्माण पर नियमों का डंडा चलता है तो प्रभावशाली परिवार से जुड़े मामले में वही डंडा क्यों नहीं दिख रहा? स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पारिवारिक और राजनीतिक प्रभाव के चलते कार्रवाई नहीं हो रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
*सरकारी जमीन पर किसके इशारे पर उठ रही दीवार?**
मामले में अब राजस्व हित भी चर्चा के केंद्र में है। यदि नजूल भूमि पर बिना अनुमति निर्माण की पुष्टि होती है तो सरकारी भूमि के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं। ऐसे में संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर भूमि के दस्तावेज, निर्माण अनुमति और स्वीकृत नक्शे की जांच की मांग उठ रही है।
अब देखने वाली बात होगी कि नजूल भूमि पर उठती दीवारों के साथ उठे सवालों पर विभाग की नींद कब टूटती है और जांच की आंच आखिर किस तक पहुंचती है।