खबर का असर: नींद से जागा जल संस्थान, चंद घंटों में गड्ढे भरने पहुंची जेसीबी

खबर का असर: नींद से जागा जल संस्थान, चंद घंटों में गड्ढे भरने पहुंची जेसीबी
खबर प्रकाशित होते ही हरकत में आया विभाग, मौके पर पहुंचा अमला
गड्ढे भरने का काम शुरू होते ही राहगीरों और दुकानदारों ने ली राहत की सांस
रुड़की। बीटी गंज मुख्य चौराहे पर खुले गड्ढों और सड़क पर बिखरी रेत को लेकर प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला। खबर प्रकाशित होने के चंद घंटे बाद ही जल संस्थान हरकत में आया और जेसीबी मौके पर पहुंचाकर गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया। विभाग की कार्रवाई से राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों ने समस्या को प्रमुखता से उठाने के लिए आईबीएन 7 इंडिया का आभार जताया।
बीटी गंज स्थित जिला सहकारी बैंक के पास मुख्य चौराहे पर करीब एक सप्ताह पहले पानी की पाइपलाइन में लीकेज हो गया था। लीकेज रोकने के लिए सड़क पर भारी मात्रा में रेत डाली गई थी। इसके बाद जल संस्थान ने सड़क की खुदाई कर पाइपलाइन की मरम्मत तो कर दी, लेकिन खुदाई के बाद बने गड्ढों को समतल नहीं किया गया था।
गड्ढों और सड़क पर पड़ी रेत के कारण राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। व्यस्त चौराहे पर बने गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई बार ई-रिक्शा गड्ढों में फंसकर पलटने की स्थिति तक पहुंच गए। वहीं, हवा चलने पर सड़क पर पड़ी रेत आसपास की दुकानों में पहुंच रही थी, जिससे दुकानदार भी परेशान थे।
समस्या को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद जल संस्थान ने मामले का संज्ञान लिया। कुछ ही घंटों में जेसीबी मौके पर पहुंची और सड़क पर बने गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया गया। जेसीबी पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
स्थानीय लोगों ने कहा कि बीटी गंज का मुख्य चौराहा दिनभर बेहद व्यस्त रहता है। ऐसे में खुले गड्ढे किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते थे। लोगों ने आईबीएन 7 इंडिया का धन्यवाद करते हुए कहा कि खबर के माध्यम से उनकी समस्या जिम्मेदार विभाग तक पहुंची और तत्काल कार्रवाई शुरू हुई।
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि गड्ढे भरने के बाद सड़क को पूरी तरह समतल किया जाएगा, ताकि राहगीरों, वाहन चालकों और दुकानदारों को परेशानी से पूरी तरह निजात मिल सके।




