मेहंदी डोरी की रस्म के साथ हुआ उर्स का आगाज ।

साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स का मेहंदी डोरी की रस्म के साथ आगाज
रुड़की/कलियर। दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स का आगाज चांद दिखाई देने के बाद परंपरागत मेहंदी डोरी की रस्म के साथ हो गया। रस्म को लेकर दरगाह साबिर पाक में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ी। दरगाह परिसर समेत आसपास के बाजारों में भी रौनक बनी रही।
शुक्रवार शाम चांद दिखाई देने के बाद ईशा की नमाज के पश्चात सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी कुद्दुसी, शाह यावर एजाज साबरी और परिवार के अन्य सदस्य दरगाह साबिर पाक से अपने कदीमी घर शाह खालिक मियां के यहां पहुंचे। यहां से सिर पर मेहंदी, डोरी की थाल, संदल और प्रसाद लेकर कव्वालों के साथ जुलूस के रूप में दरगाह साबिर पाक के लिए रवाना हुए।
जुलूस के दरगाह पहुंचने पर परंपरागत तरीके से मेहंदी डोरी और संदल पेश किया गया। इस दौरान देश में अमन, चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ की गई। इसके बाद शाह अली एजाज साबरी और शाह यावर एजाज साबरी ने अकीदतमंदों को मेहंदी डोरी प्रसाद के रूप में वितरित की। वहीं कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर माहौल को रूहानी बना दिया।
मेहंदी डोरी की रस्म में बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद मौजूद रहे। उर्स को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दरगाह और मेला क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है।
जायरीनों की भारी भीड़ को देखते हुए मेहंदी डोरी की रस्म के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन भी लागू किया गया। मेहंदी डोरी की रस्म के बाद उर्स में छोटी रोशनी, बड़ी रोशनी, कुल शरीफ और गुस्ल शरीफ समेत अन्य प्रमुख रस्में अदा की जाएंगी।
इस दौरान शाह खालिक मियां, शाह सुहैल मियां, शाह गाजी, शाह असद साबरी, सलीम, हैदर हबीब, आदिल हबीब, गुलशाद सिद्दीकी, सफीक साबरी, यासिर एजाज, नामिर साबरी, रहीम साबरी, नासिर, सूफी राशिद साबरी, सूफी इसरार साबरी और नोमी मियां समेत बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद मौजूद रहे।




