दिग्गज नेता के सामने उतर गई पार्षद प्रतिनिधि की हेकड़ी! पुराने दिन याद दिलाए तो अब ‘आशीर्वाद’ की जुगत

दिग्गज नेता के सामने उतर गई पार्षद प्रतिनिधि की हेकड़ी! पुराने दिन याद दिलाए तो अब ‘आशीर्वाद’ की जुगत
सरकारी दफ्तर में आमना-सामना, दिग्गज की खरी-खरी से बदल गया माहौल
‘सत्ता बदली तो हिसाब होगा’ की चर्चा, नाराजगी दूर करने के लिए माफी के प्रयासों की भी चर्चा
रुड़की। शहर के एक सरकारी दफ्तर में बुधवार को उस समय सियासी माहौल गरमा गया, जब एक पार्षद प्रतिनिधि का सामना एक पार्टी के दिग्गज नेता से हो गया। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, लेकिन कुछ ही देर में बातचीत का अंदाज बदल गया। चर्चा है कि दिग्गज नेता ने पार्षद प्रतिनिधि को उसके पुराने दौर की याद दिलाते हुए कई बातें दो टूक अंदाज में सुना दीं।
बताया जा रहा है कि दिग्गज नेता ने मौजूदा राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी पार्षद प्रतिनिधि को खरी-खरी सुनाई। चर्चा के मुताबिक उन्होंने इशारों में यह संदेश दिया कि राजनीति में परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं और सत्ता का प्रभाव स्थायी नहीं होता। कथित तौर पर यह भी कहा गया कि राजनीतिक परिस्थितियां बदलने पर मौजूदा दौर के व्यवहार और गतिविधियों को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
दिग्गज नेता के तल्ख तेवरों के बाद मौके का माहौल कुछ देर के लिए असहज हो गया। इसके बाद पार्षद प्रतिनिधि वहां से निकल गया। हालांकि पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और दोनों पक्षों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फोन पर ‘माफी’ का संदेश, नाराजगी दूर करने की चर्चा
घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि पार्षद प्रतिनिधि की ओर से कुछ लोगों के माध्यम से दिग्गज नेता तक माफी का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया। हालांकि दिग्गज नेता की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया रही, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि दिग्गज नेता अपने पुराने संबंधों और राजनीतिक सफर को लेकर खासा स्पष्ट रुख रखते हैं। ऐसे में बुधवार की मुलाकात को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
अब नाराजगी दूर करने की जुगत, ‘आशीर्वाद’ पर नजर!
मुलाकात के बाद शहर की सियासत में एक और चर्चा जोर पकड़ रही है। कहा जा रहा है कि पार्षद प्रतिनिधि अब किसी तरह दिग्गज नेता की नाराजगी दूर करने की कोशिश में जुटा है। इसके लिए राजनीतिक संपर्कों और जान-पहचान के लोगों का सहारा लिए जाने की भी चर्चा है।
चर्चाओं में यहां तक कहा जा रहा है कि मामला केवल माफी तक सीमित नहीं है, बल्कि अब दिग्गज नेता का ‘आशीर्वाद’ हासिल करने की कोशिश भी की जा रही है। हालांकि इन चर्चाओं की भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल सरकारी दफ्तर में हुई इस कथित तकरार ने शहर के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है। दोनों पक्षों की चुप्पी के बीच मुलाकात के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।




