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आईआईटी रुड़की दीक्षांत समारोह में 1,277 स्नातक विद्यार्थियों को मिली डिग्री

✍️ IBN7 INDIA डेस्क 🗓 19 सितंबर 2026 (22 घंटे पहले) 👁 76 बार पढ़ा गया
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आईआईटी रुड़की दीक्षांत समारोह में 1,277 स्नातक विद्यार्थियों को मिली डिग्री

आईआईटी रुड़की दीक्षांत समारोह में 1,277 स्नातक विद्यार्थियों को मिली डिग्री

एनएसए अजीत डोभाल ने किया दीक्षांत संबोधन, सीडीएस जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि रहे विशिष्ट अतिथि; श्रीवरदन बालाजी को प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल

रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की में शनिवार को दीक्षांत समारोह-2026 के दो दिवसीय आयोजन की शुरुआत हुई। समारोह के पहले दिन 1,277 स्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल, केसी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने दीक्षांत संबोधन दिया। वहीं, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ एवं रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एवं पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने समारोह की अध्यक्षता की।
समारोह के दौरान बी.आर्क, बी.टेक, इंटीग्रेटेड एम.टेक, इंटीग्रेटेड एमएससी, आईडीडी, बीएस-एमएस और बीएस समेत विभिन्न स्नातक कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 1,001 छात्र और 276 छात्राएं शामिल हैं।
आईआईटी रुड़की के लिए इस वर्ष का दीक्षांत समारोह विशेष महत्व रखता है। दो दिवसीय समारोह में कुल 2,701 डिग्रियां प्रदान की जा रही हैं, जो संस्थान के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक संख्या है। संस्थान द्वारा पहली बार पांच वर्षीय ड्युअल डिग्री कार्यक्रम के तहत बीएस-एमएस की डिग्री भी प्रदान की जा रही है।
समारोह में विभिन्न संस्थान स्तरीय पुरस्कार और पदक प्रदान किए गए। बीएस-एमएस केमिकल साइंसेज के विद्यार्थी श्रीवरदन बालाजी को जेईई एडवांस्ड के माध्यम से प्रवेश लेने वाले स्नातक विद्यार्थियों में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त करने पर प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इसके अलावा नवनीत कुमार को डायरेक्टर गोल्ड मेडल, आशी जैन को भारत के राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा गोल्ड मेडल, रूपम तनेजा को इंस्टीट्यूट सिल्वर मेडल और सुकृत जिंदल को इंस्टीट्यूट ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया गया।
‘ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में करें’
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों, उनके परिवारों, शिक्षकों और पूरे संस्थान के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि 1,277 विद्यार्थियों का स्नातक होना केवल शैक्षणिक यात्रा पूरी होने का प्रतीक नहीं, बल्कि एक ऐसी नई यात्रा की शुरुआत है, जिसमें विद्यार्थी अपने ज्ञान, रचनात्मकता और मूल्यों के माध्यम से समाज और राष्ट्र में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीकी ज्ञान के साथ जिम्मेदारीपूर्वक नवाचार करने और जटिल चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष हरीश साल्वे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह वर्षों के अध्ययन, अनुशासन और दृढ़ता की परिणति का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से उत्कृष्टता, ईमानदारी और जिम्मेदारी के मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों और असफलताओं को सीखने और आगे बढ़ने के अवसर के रूप में स्वीकार करना चाहिए।
सीडीएस ने राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का दिलाया एहसास
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने कहा कि किसी राष्ट्र की प्रगति उसकी युवा पीढ़ी के ज्ञान, क्षमताओं और प्रतिबद्धता पर काफी हद तक निर्भर करती है। आईआईटी रुड़की जैसे संस्थान प्रौद्योगिकी, नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से उत्कृष्टता के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
एनएसए अजीत डोभाल को मानद उपाधि
समारोह का एक प्रमुख आकर्षण राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत कुमार डोभाल, केसी को ऑनोरिस कौसा उपाधि प्रदान किया जाना रहा। यह सम्मान उनकी विशिष्ट लोक सेवा के प्रति संस्थान की मान्यता के रूप में प्रदान किया गया।
अजीत डोभाल ने कहा कि आईआईटी रुड़की जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनना उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि संस्थान ने शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने स्नातक विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र के व्यापक हित में करने का आह्वान किया।
अनुसंधान और नवाचार पर जोर
आईआईटी रुड़की के अनुसार संस्थान शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में संस्थान को वैश्विक स्तर पर 335वां और राष्ट्रीय स्तर पर सातवां स्थान मिला है। एनआईआरएफ-2025 की ओवरऑल श्रेणी में संस्थान सातवें और इंजीनियरिंग श्रेणी में छठे स्थान पर रहा। वास्तुकला में संस्थान ने लगातार पांचवें वर्ष शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।
संस्थान के अनुसार, वर्ष के दौरान 136 पेटेंट आवेदन दाखिल किए गए, जबकि 144 पेटेंट स्वीकृत हुए। इसके अलावा 11 फैकल्टी-नेतृत्व वाले स्टार्टअप की स्थापना में भी सहयोग दिया गया।
दो दिवसीय दीक्षांत समारोह का दूसरा दिन 20 सितंबर को आयोजित होगा। इस दौरान 1,424 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्रियां प्रदान की जाएंगी।