बैठे लोगों पर पलटवार, ब्लैकमेलिंग का लगाया आरोप

बीएसएम संस्थान का धरने पर बैठे लोगों पर पलटवार, ब्लैकमेलिंग का लगाया आरोप
रजनीश शर्मा और ममतेश शर्मा बोले- 25 बार हो चुकी उच्चस्तरीय जांच, आज तक नहीं मिली कोई अनियमितता
रुड़की। परशुराम भवन में धरने पर बैठे ब्राह्मण समाज के लोगों के आरोपों पर बीएसएम शिक्षण संस्थान के पदाधिकारियों ने कड़ा पलटवार किया है। बीएसएम लॉ कॉलेज में आयोजित पत्रकार वार्ता में रजनीश शर्मा और ममतेश शर्मा ने धरनारत लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ब्लैकमेलर बताया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों द्वारा संस्थान से पैसों की मांग की जा रही है।
रजनीश शर्मा और ममतेश शर्मा ने कहा कि बीएसएम शिक्षण संस्थान पर पहले भी कई बार आरोप लगाए जा चुके हैं। इन आरोपों को लेकर करीब 25 बार उच्चस्तरीय जांच हो चुकी है, लेकिन किसी भी जांच में आज तक संस्थान के खिलाफ कोई खामी या अनियमितता सामने नहीं आई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग देकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि शहर की जनता पूरे मामले को समझ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि धरने पर बैठे कुछ लोग खुद को भारतीय ब्राह्मण समाज का पदाधिकारी बता रहे हैं, जबकि भारतीय ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष अजय कौशिक हैं, जो पत्रकार वार्ता में स्वयं मौजूद रहे।
गौरतलब है कि परशुराम भवन में 29 अक्टूबर से ब्राह्मण समाज के कुछ लोगों का धरना जारी है। धरनारत लोगों का आरोप है कि बीएसएम शिक्षण संस्थान ब्राह्मण समाज की संपत्ति है, जिस पर कुछ लोगों ने कब्जा कर उसे निजी संपत्ति बना लिया है। इसी मांग को लेकर समाज के लोग लगातार धरना दे रहे हैं। अब संस्थान के पदाधिकारियों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद परशुराम भवन और बीएसएम संस्थान का विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।




