कॉपीराइट विवाद में दिल्ली की टीम ने रुड़की में कई ठिकानों पर की छापेमारी

कॉपीराइट विवाद में दिल्ली की टीम ने रुड़की में कई ठिकानों पर की छापेमारी
कॉर्नर लैंप बनाने और बेचने का मामला, बड़ी मात्रा में माल बरामद होने की सूचना; कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
रुड़की। कॉपीराइट को लेकर चल रहे विवाद के मामले में दिल्ली से पहुंची एक टीम ने रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। टीम के पहुंचने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि कार्रवाई घरों की सजावट में इस्तेमाल होने वाले लकड़ी और लोहे से तैयार किए जा रहे कॉर्नर लैंप को लेकर की गई।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली के एक व्यापारी ने इन कॉर्नर लैंप के डिजाइन को लेकर कॉपीराइट अथवा पेटेंट अधिकार होने का दावा किया है। उनका आरोप है कि रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में बिना अनुमति इन डिजाइनों के लैंप तैयार कर बाजार में बेचे जा रहे हैं। इसी शिकायत के आधार पर दिल्ली से टीम रुड़की पहुंची और एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की गई।
टीम के साथ पहुंचे अधिवक्ता ने दावा किया कि जिन लोहे के क्रॉस-कट और लकड़ी के लैंप का निर्माण किया जा रहा है, उनके डिजाइन उनके क्लाइंट द्वारा पेटेंट/पंजीकृत कराए गए हैं। अधिवक्ता के अनुसार, संबंधित अधिकारों के तहत बिना अनुमति इन डिजाइनों का निर्माण और बिक्री किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कार्रवाई के दौरान कई स्थानों से बड़ी मात्रा में कॉर्नर लैंप का माल बरामद किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, रुड़की से इन लैंप की बड़े पैमाने पर बिक्री किए जाने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि ऑनलाइन माध्यम से भी इनकी बिक्री की जा रही थी, जिससे दिल्ली के व्यापारी को आर्थिक नुकसान हो रहा था।
अधिवक्ता ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि संबंधित डिजाइन के लैंप बिना अनुमति बनाते या बेचते हुए कोई व्यक्ति पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कॉपीराइट अथवा बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन के मामले में लाखों रुपये के हर्जाने का दावा भी किया जा सकता है।
हालांकि, कार्रवाई और बरामदगी से संबंधित सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग या पुलिस की ओर से किया जाना अभी बाकी है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।




